
PARDARSHI VIKASH NEWS राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर ने उम्मीदवार को शुरुआती चरण में ही बाहर कर दिया, जबकि उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार मिलना चाहिए था। उनका कहना था कि यदि जनता उन्हें वोट नहीं देती, तो वे स्वतः हार जाएंगी—यही लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की एक सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एक केस की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी थी। भाजपा ने इसी आपत्ति को उठाया था, जिसे रिटर्निंग ऑफिसर ने स्वीकार कर लिया।सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान सिंघवी ने कहा कि कानून का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना नहीं, बल्कि उसे निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाना है। उन्होंने तर्क दिया कि उम्मीदवार को बिना उचित सुनवाई के बाहर करना लोकतांत्रिक विकल्पों को सीमित करता है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।