
PARDARSHI VIKASH NEWS रोहतक के डी-पार्क इलाके में स्थित 10 दुकानों में लगी भीषण आग में तीन लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर सामने आया है कि यह हादसा कई गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत खामियों का नतीजा हो सकता है।जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले दोपहर करीब 2 बजे एक शूज शोरूम में लगी थी, जिसके बाद तेजी से फैलते हुए आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया।प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आग के फैलने के पीछे पांच प्रमुख कारण सामने आए हैं—पहला, फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी हुई, जिससे शुरुआती समय में आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका और आग तेजी से फैलती गई।दूसरा, दुकानों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर काम नहीं कर रहे थे और बताया गया कि वे एक्सपायर हो चुके थे, जिससे शुरुआती बचाव का मौका हाथ से निकल गया।तीसरा, आग लगने के बाद शोरूम का शटर गिर गया, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके और धुएं के कारण स्थिति और भयावह हो गई।चौथा, आसपास खड़ी बाइक और स्कूटर आग की चपेट में आ गए, जिनके पेट्रोल ने आग को और भड़का दिया, जिससे लपटें और तेज हो गईं।पांचवां, दुकानों में भारी मात्रा में रबर और कपड़े जैसे ज्वलनशील सामान मौजूद था, जिसने आग को और अधिक भयानक बना दिया और उसे लंबे समय तक नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग को आग बुझाने में काफी समय लगा। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।