
PARDARSHI VIKASH NEWS मथुरा के कोसी क्षेत्र के हताना गांव की 38 वर्षीय काजल चौधरी इन दिनों अपनी चचेरी सास को सिर पर बैठाकर 84 कोस (करीब 350 किलोमीटर) की ब्रज परिक्रमा कर रही हैं। यह यात्रा हरियाणा के पलवल जिले के बनचारी गांव स्थित बलदाऊ जी मंदिर से 31 मई को शुरू हुई।काजल चौधरी के पति की मौत सड़क हादसे में 18 साल पहले हो गई थी। पति के निधन के बाद उन्होंने कठिन हालातों का सामना किया और तीन बच्चों की परवरिश के लिए मजदूरी और घरों में काम किया। इसी दौरान उनकी चचेरी सास चंद्रे ने उन्हें सहारा दिया और अपने साथ रखा। काजल ने बताया कि अपनों ने जब साथ छोड़ दिया, तब उनकी सास ने मां की तरह उनका साथ निभाया।इसी सेवा भाव और सम्मान में काजल अपनी 95 वर्षीय चचेरी सास को टब में बैठाकर सिर पर रखकर ब्रज परिक्रमा करा रही हैं। उनका कहना है कि जो मां जैसा स्थान सास ने उन्हें दिया, उसके बदले यह परिक्रमा उनका छोटा-सा आभार है।काजल रोजाना लगभग 45 किलोमीटर की यात्रा करती हैं। उनकी यात्रा सुबह 5 बजे शुरू होकर दोपहर तक चलती है और शाम को फिर आगे बढ़ती है। रास्ते में लोगों द्वारा उनका स्वागत भी किया जा रहा है।काजल ने बताया कि पहले वह जागरण और रागिनी में भी गाती थीं, जिससे परिवार का पालन-पोषण करने में मदद मिली। अब बच्चे भी बड़े हो चुके हैं और काम करने लगे हैं।उन्होंने यह भी बताया कि एक साल पहले उन्होंने अपनी सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार की यात्रा भी कराई थी। वर्तमान परिक्रमा को वे भक्ति और सेवा का संकल्प मानकर आगे बढ़ा रही हैं।