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परशुराम–लक्ष्मण संवाद ने बांधा समा

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Pardarshi Vikas News Banda

बीरा गांव स्थित संकट मोचन मंदिर रामलीला प्रांगण में चल रही 6 दिवसीय श्री रामलीला के दूसरे दिन सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ की मनमोहक प्रस्तुति हुई। मिथिला नरेश जनक द्वारा स्वयंवर की घोषणा के बाद देश-विदेश के राजाओं के आगमन का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। रावण और बाणासुर के संवाद ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया, वहीं हास्य कलाकार पेटू राजा राममिलन कानपुरी ने अपने अभिनय से माहौल को हंसी से गूंजा दिया। परशुराम-लक्ष्मण संवाद सबसे रोचक रहा। धनुष भंग के बाद परशुराम के क्रोधित होने और श्रीराम के शांत जवाबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य कलाकारों की भक्ति प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।