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प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत

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पारदर्शी विकास ब्यूरो पडरौना/कुशीनगर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बांसी स्थित एक निजी क्लिनिक में प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात शिशु की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को अस्पताल के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार, बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी 30 वर्षीय राजन देवी, पत्नी राजेश यादव, को प्रसव के लिए बांसी स्थित योगी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक का संचालन सत्येंद्र सिंह नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था और महिला का उपचार पिछले तीन दिनों से वहीं चल रहा था।परिजनों के मुताबिक, प्रसव के बाद नवजात शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद प्रसूता राजन देवी की भी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में उन्हें खड्डा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।जच्चा-बच्चा दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने योगी क्लिनिक पहुंचकर शव रख दिए और अस्पताल प्रबंधन तथा चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच क्लिनिक संचालक मौके से फरार हो गया।सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की।प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को दे दी गई है। क्लिनिक की वैधता, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।