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पेपर लीक, महंगाई और रोजगार पर भाजपा सरकार को घेरा

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PARDARSHI VIKASH NEWS इटावा में समाजवादी पार्टी के बदायूं सांसद Aditya Yadav ने पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, महंगाई, रोजगार और व्यापार जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सैफई स्थित अपने आवास पर आयोजित जनता दरबार में उन्होंने कहा कि शिक्षा से लेकर आर्थिक मोर्चे तक सरकार की नीतियां लगातार सवालों के घेरे में हैं, लेकिन युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ठोस जवाब नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में पेपर लीक मामलों के बाद सीबीआई जांच और सख्त कार्रवाई के बड़े दावे किए गए थे, लेकिन 2026 में भी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खत्म नहीं हुए। उनके अनुसार, पेपर लीक अब शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्या बन चुका है और जिन लोगों ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, उन तक कार्रवाई पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है। नीट परीक्षा को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि हालिया विवादों तथा पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने यूपी के एक युवक की तनाव में आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था की अनिश्चितता युवाओं को मानसिक दबाव में धकेल रही है। रोजगार और शिक्षा नीति पर बोलते हुए आदित्य यादव ने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बाद मेधावी छात्रों के लिए रोजगार और कौशल आधारित अवसर तैयार किए जाने चाहिए, ताकि युवा अपनी क्षमता का सही उपयोग कर सकें। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा को समय की जरूरत बताया, लेकिन कहा कि इसके नाम पर शिक्षकों और बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्थाओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि इसका सीधा असर किसानों, व्यापारियों और आम लोगों पर पड़ रहा है। ईंधन महंगा होने से खेती, परिवहन और बाजार की लागत बढ़ रही है, जिसका बोझ जनता पर पड़ता है। सोना कारोबार को लेकर प्रधानमंत्री के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में करीब एक करोड़ लोग इस व्यापार से जुड़े हैं और सरकार को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सोच-समझकर बयान देना चाहिए। सांसद आदित्य यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जमीनी मुद्दों से ज्यादा छवि आधारित राजनीति में उलझी हुई दिखाई दे रही है और शिक्षा, रोजगार, महंगाई तथा व्यापार जैसे सवाल 2027 विधानसभा चुनाव में भी बड़े मुद्दे बने रहेंगे।