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पिछड़े वर्ग के आरक्षण संबंधी सुझावों के लिए आयोग के अध्यक्ष ने  की बैठक

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की महत्वपूर्ण बैठक  कलेक्ट्रेट सभागार, अमेठी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के  अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की।  आयोग के  सदस्य एस.पी. सिंह, संतोष कुमार विश्वकर्मा, बृजेश कुमार एवं अरविंद कुमार चौरसिया उपस्थित रहे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी एवं मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत सुझाव प्राप्त किए। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, भूमि स्वामित्व, भूमिहीन परिवारों की संख्या, आजीविका एवं आय के स्रोत, सरकारी सेवाओं में भागीदारी तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी संकलित की। आयोग के सदस्यों ने विभिन्न जातीय समूहों की जनसंख्या, उनके सामाजिक विकास के स्तर तथा स्थानीय निकायों में उनकी सहभागिता के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के आधार पर सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें आयोग ने गंभीरता से सुना और अभिलेखित किया।इस दौरान आयोग द्वारा पिछड़े वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान, जनजागरूकता बढ़ाने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए आवश्यक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही स्थानीय परिस्थितियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं न्यायसंगत बनाने के संबंध में प्राप्त सुझावों पर चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति का व्यापक एवं तथ्यपरक अध्ययन करना है, ताकि स्थानीय निकायों में आरक्षण व्यवस्था से संबंधित न्यायसंगत और व्यवहारिक अनुशंसाएं शासन को उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने बताया कि अमेठी जनपद में प्राप्त सुझावों, तथ्यों एवं आंकड़ों का समुचित परीक्षण कर आयोग अपनी संस्तुतियां शासन को प्रेषित करेगा।