
PARDARSHI VIKASH NEWS लखनऊ मुख्यालय से लगातार हो रही औषधि विभाग की छापेमारी कार्रवाई को लेकर आगरा के दवा व्यापारियों ने प्रशासन के सामने अपनी चिंता रखी। सोमवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में व्यापारियों ने कहा कि लगातार जांच और कार्रवाई से कारोबारी असहज महसूस कर रहे हैं। साथ ही दूसरे जिलों के व्यापारियों के साथ कारोबार करने में भी परेशानी आ रही है।जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर आयोजित बैठक में नगर मजिस्ट्रेट, आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारी, दवा व्यापारी और औषधि निरीक्षक मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत आगरा के दो दवा कारोबारियों स्वर्गीय कमल कुमार और स्वर्गीय प्रेम जैसवानी के निधन पर श्रद्धांजलि देकर की गई।व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल ने कहा कि 12 और 13 जून को लखनऊ मुख्यालय की टीम द्वारा की गई कार्रवाई के बाद शहर के कई सम्मानित व्यापारी भी चिंतित हैं। वहीं आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी लगातार हो रही जांच को लेकर अपनी बात रखी।प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्रदेश स्तर पर थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी, निष्क्रिय और बंद प्रतिष्ठानों के लाइसेंस के जरिए होने वाले अवैध दवा कारोबार पर रोक लगाना है।अधिकारियों ने कहा कि अभियान के तहत नकली दवाओं, अधोमानक औषधियों, नशीली दवाओं और फिजीशियन सैंपल के गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई की जा रही है। नियमों के अनुसार कारोबार करने वाले लाइसेंसधारकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों और गोदामों पर फर्म का नाम, ड्रग लाइसेंस नंबर, जीएसटी नंबर, संपर्क नंबर और स्वामी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें। साथ ही औषधि नियमों का पालन करते हुए ही कारोबार करें।बैठक में व्यापारिक संगठनों ने भी विभाग को सहयोग देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।