
PARDARSHI VIKASH NEWS NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से डॉक्टर मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए RCC कोचिंग के संचालक और मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से गेस पेपर खरीदे थे। पूछताछ के बाद CBI ने पुणे से उन्हें हिरासत में लिया। इस मामले में किसी अभिभावक की यह पहली गिरफ्तारी मानी जा रही है। अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा आरोपी महाराष्ट्र से हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर में 8 एकड़ जमीन पर स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी कर रहा था, जहां बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा था। CBI अब उसकी फंडिंग, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक पेपर लीक गिरोह छात्रों और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर 5 लाख से 50 लाख रुपए तक की डील करता था। शुरुआत में केवल टोकन मनी ली जाती थी और ब्लैंक चेक व दस्तावेज अपने पास रखे जाते थे। आरोप है कि परीक्षा के बाद असली प्रश्नपत्र से मिलान होने पर बाकी रकम मांगी जाती थी। मामले में कई आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि कुछ की CBI रिमांड बढ़ाई गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने भी परीक्षा दोबारा कराने की तैयारियों और फर्जी सोशल मीडिया दावों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। NEET-UG का री-एग्जाम 21 जून को कराया जाएगा।