
PARDARSHI VIKASH NEWS NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को 14 संदिग्धों से करीब 24 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। अब CBI सभी आरोपियों को दिल्ली ले जाएगी। जांच एजेंसी ने राजस्थान के सीकर से मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ से दिनेश बिंवाल और उसके बेटे विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि शुभम ने ही यश को पेपर उपलब्ध कराया था। वहीं विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, सत्यनारायण, विक्रम, राकेश, रजत, अमित मीणा और रोहित मावलिया को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इसके अलावा पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडे को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि मनीषा के 21 बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा किए गए थे। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के मुताबिक लीक हुआ पेपर राजस्थान में करीब एक हजार उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया था।CBI जांच में सामने आया है कि लीक पेपर कथित तौर पर यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक छात्रों से पेपर दिलाने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए। जांच में यह भी पता चला कि विकास बिंवाल के पिता दिनेश ने प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF फाइल बनाई थी। आरोपियों ने पहले प्रश्नपत्र को हाथ से लिखा और फिर उसे स्कैन कर सीकर जिले के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों तक पहुंचाया। सीकर में 3 मई की रात को एक कोचिंग सेंटर के शिक्षक और पीजी संचालक के पास जो गेस पेपर मिला था, उसमें असली परीक्षा के 180 में से 150 सवाल हूबहू पाए गए। सभी सवाल एक ही हैंडराइटिंग में लिखे गए थे। इस मामले के सामने आने के बाद 12 मई को NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और जांच CBI को सौंप दी गई। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है और कहा है कि NTA पर भरोसा नहीं रहा। गौरतलब है कि 2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक विवादों में रही थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने सुधार के लिए राधाकृष्णन पैनल बनाया था।