
जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर में नौबस्ता तक मेट्रो चलने का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। शहर के दक्षिणी क्षेत्र की जनता का कहना है कि वर्षों से मेट्रो के नाम पर उम्मीदें दिखाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। नौबस्ता, किदवई नगर, वसंत विहार और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को आज भी टूटी सड़कों, जलभराव और जाम के बीच सफर करना पड़ रहा है।मेट्रो परियोजना के कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता वाले हिस्से में ट्रैक, विद्युतीकरण और सुरक्षा जांच से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी सामने आ चुकी है। जून 2026 में इस खंड का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण भी पूरा होने की बात कही गई थी। इसके बावजूद यात्रियों के लिए नियमित सेवा शुरू होने की स्पष्ट तारीख को लेकर जनता में असमंजस बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी चुनाव या किसी बड़े कार्यक्रम का समय आता है, मेट्रो और बड़े अस्पतालों जैसी योजनाओं को लेकर नए दावे सामने आ जाते हैं। लेकिन आम नागरिकों को तत्काल राहत नहीं मिलती। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर जाता है, गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक गिरते हैं और पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई जगह जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर होने से थोड़ी बारिश के बाद ही रास्ते तालाब में बदल जाते हैं।जनता का सवाल है कि यदि मेट्रो का काम अंतिम चरण में है तो यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने की समयसीमा सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट तारीख और नियमित प्रगति रिपोर्ट चाहिए। दक्षिणी कानपुर की आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बेहतर सार्वजनिक परिवहन, मजबूत सड़कें और जलभराव से स्थायी निजात अब सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी आवश्यकता बन चुकी है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नौबस्ता मेट्रो संचालन की स्थिति स्पष्ट की जाए और तब तक सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई तथा जलनिकासी की ठोस व्यवस्था कर जनता को राहत दी जाए।