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मध्यस्थता के जरिए मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर जोर

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पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के सचिव भुवन ने शनिवार को अपने विश्राम कक्ष में मध्यस्थगण के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य विभिन्न न्यायालयों से सुलह-समझौते के लिए प्राप्त पत्रावलियों में मध्यस्थता की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं परिणामदायी बनाना था।बैठक के दौरान मध्यस्थों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए तथा अधिक से अधिक मामलों के सफल निस्तारण के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। सचिव भुवन ने सभी मध्यस्थों से पक्षकारों से संवाद बढ़ाने और समझौते के माध्यम से मामलों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मुकदमों की संख्या कम करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता केंद्र में पारिवारिक विवादों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों में पक्षकारों के साथ संयुक्त एवं पृथक-पृथक वार्ता कर उन्हें समझाया जाता है। किसी भी मामले का निस्तारण तभी किया जाता है जब दोनों पक्ष पूरी तरह संतुष्ट हों।सचिव ने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है ताकि वे अपनी कानूनी समस्याओं को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से रख सकें। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों का भी पक्षकारों की सहमति से मध्यस्थता के माध्यम से समाधान कराया जा सकता है।बैठक में नागेन्द्र पति त्रिपाठी, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, शशांक त्रिपाठी, परितोष शुक्ल, राकेश तिवारी, युद्धवीर सिंह, प्रवीण कुमार दूबे, पंकज कुमार राव, लक्ष्मण सिंह, विभूति यादव, ओमप्रकाश पाण्डेय, गिरिश निवास मिश्र, नित्यानन्द शुक्ल सहित अन्य मध्यस्थ उपस्थित रहे।