
Pardarshi Vikas News Banda
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदूषण मुक्त उत्तर प्रदेश और समृद्ध किसान के संकल्प को साकार करने के लिए बांदा जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उप कृषि निदेशक डॉ. अजय कुमार ने किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पराली जलाना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह भूमि की उर्वरता और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है। प्रशासन ने बताया कि पराली जलाना राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में 2 एकड़ से कम भूमि पर 5 हजार रुपये, 2 से 5 एकड़ भूमि पर 10 हजार रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों और घास-फूस को जलाने के बजाय हार्वेस्टर या जुताई के माध्यम से मिट्टी में मिला दें। इससे मिट्टी में कार्बनिक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और लाभकारी सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं, जिससे जमीन की उर्वरता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि इस तरीके से फसल की गुणवत्ता सुधरेगी, रासायनिक खादों पर खर्च कम होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। प्रशासन ने किसानों से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने की अपील की है।