
PARDARSHI VIKASH NEWS मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को “राजनीतिक साजिश” बताते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं।चुनाव अधिकारियों के अनुसार, नामांकन पत्र (फॉर्म 26) में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने और हलफनामे में अनियमितताओं के आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा कि तेलंगाना की अदालत में एक लंबित निजी परिवाद (शिकायत) की जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी गई थी, जिसे गंभीर त्रुटि माना गया।अधिकारियों के मुताबिक, समन जारी होने के बावजूद उसे छिपाया गया, जिससे यह माना गया कि उम्मीदवार को मामले की जानकारी थी और यह “अधूरी घोषणा” के दायरे में आता है।इस फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताते हुए दिल्ली और भोपाल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। पार्टी ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने के लिए दिल्ली भेजा है, जिसमें केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट और भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।भोपाल में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर हुए विरोध के दौरान RSS की गणवेश टांगे जाने की घटना भी चर्चा में रही।कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला दबाव में लिया गया है और वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। पार्टी ने कहा कि संबंधित मामला आपराधिक प्रकृति का नहीं है और न ही अदालत ने अभी तक कोई संज्ञान लिया है।वहीं, बीजेपी ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार ने शपथ पत्र में अदालत से जुड़ी जानकारी छिपाई, इसलिए नियमों के तहत नामांकन रद्द किया गया।फिलहाल मामला चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच तीखे टकराव में बदल गया है, और आगे कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है।