
PARDARSHI VIKASH NEWS दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता शमिया चौधरी ने दावा किया है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले गए, जबकि पहले इसे मुफ्त में भेजने का आश्वासन दिया गया था।शमिया के मुताबिक, दूतावास में उनसे और अन्य पीड़ितों से लगभग 1.8 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की ओर से मुफ्त सहायता का वादा किया गया था, तो फिर पैसे क्यों लिए गए।उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल पर मौजूद थीं, जहां आग अचानक फैल गई। शमिया ने कहा कि उस वक्त उन्हें लगा था कि वह जीवित नहीं बच पाएंगी। हादसे के दौरान होटल में कुल पांच लोग एक ही कमरे में थे।इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अग्निकांड और अन्य भवन हादसों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और राहत एवं बचाव कार्य में शामिल पुलिस, नागरिकों और रेस्क्यू टीमों को सम्मानित किया।3 जून को हुए इस अग्निकांड में 23 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि होटल के पास केवल 6 कमरों का लाइसेंस था, जबकि करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी, वेंटिलेशन की कमी, फायर सेफ्टी सिस्टम की गैरमौजूदगी और एक ही संकरे निकास मार्ग को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की गहन पड़ताल कर रहा है।