
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मंडी निदेशक इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात कर मंडी लाइसेंस नवीनीकरण, ऑनलाइन पोर्टल, ऐप व्यवस्था और दुकानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापारियों की आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने किया।बैठक में व्यापारियों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दो जमानतदारों और शपथ पत्र की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया को जटिल बताया। इस पर मंडी निदेशक ने स्पष्ट किया कि ऐसे निर्देश केवल उन मामलों में लागू होंगे जहां पूर्व जमानत संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारी अपनी इच्छा अनुसार एक वर्ष, पांच वर्ष या आजीवन लाइसेंस का नवीनीकरण करा सकते हैं।व्यापारियों ने मंडी की नई ऐप टैगिंग व्यवस्था, ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों, दुकानों के किराए में प्रस्तावित वृद्धि, पार्टनरशिप की अनुमति तथा मंडी शुल्क में कमी जैसे मुद्दे भी उठाए। निदेशक ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों के सुझावों पर विचार करते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।बैठक के दौरान ऑनलाइन पोर्टल और ऐप संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी चर्चा हुई। निदेशक ने व्यापारियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का सुझाव देते हुए कहा कि मंडी परिषद की ओर से अधिकारियों को प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा।व्यापारियों ने मांग की कि सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि व्यापारिक गतिविधियों में अनावश्यक बाधाएं न आएं। बैठक में प्रदेश और विभिन्न जिलों के व्यापारी पदाधिकारी मौजूद रहे।