
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर अग्निकांड में घायल छात्रों से मिलने सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को केजीएमयू पहुंचे। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि अपनों को खोने का दर्द सबसे बड़ा होता है। अगर सुरक्षा नियमों का पालन हुआ होता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण 15 लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि घायल युवक खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसके परिवार की स्थिति को देखते हुए सरकार को इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठानी चाहिए और स्वस्थ होने तक आर्थिक सहायता देनी चाहिए।सपा प्रमुख ने मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर घटना के बाद एसआईटी बना दी जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई। जिन अधिकारियों ने नक्शे पास किए, फायर एनओसी दी और लापरवाही बरती, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।उन्होंने लेवाना होटल अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं होती। अखिलेश ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद छापेमारी के नाम पर वसूली का खेल शुरू हो जाता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।