
PARDARSHI VIKASH NEWS काशी विश्वनाथ मंदिर की न्यास परिषद के अध्यक्ष और छह सदस्यों के चयन का प्रस्ताव मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने शासन को भेज दिया है। फिलहाल मंडलायुक्त बतौर पदेन अध्यक्ष न्यास परिषद का कार्य देख रहे हैं। परिषद में कोरम पूरा न होने के कारण मंदिर से जुड़े कई नए प्रस्ताव लंबित पड़े हैं।मंदिर प्रशासन के अनुसार न्यास परिषद में एक अध्यक्ष और कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें राज्य सरकार द्वारा छह सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि नौ पदेन सदस्य शामिल होते हैं। पदेन सदस्यों में शंकराचार्य, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, धर्मार्थ कार्य विभाग के सचिव, वित्त सचिव, विधि सचिव, सांस्कृतिक कार्य सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शामिल रहते हैं। अध्यक्ष का चयन भी राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।न्यास परिषद का कार्यकाल सामान्यतः तीन वर्षों का होता है। पिछला कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त हुआ था। उस समय नागेंद्र पांडेय अध्यक्ष थे, जबकि चंद्रमौली उपाध्याय, दीपक मालवीय, प्रसाद दीक्षित, वेंकट रमन धनपाठी और ब्रजभूषण ओझा सदस्य थे।