
PARDARSHI VIKASH NEWS टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी कोलकाता स्थित ईडी कार्यालय में कैश-फॉर-स्कूल-जॉब घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए पेश हुए। ईडी ने उन्हें 3 जून को नोटिस जारी कर 15 जून दोपहर 12 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया था। यह मामला पहले से ही सीबीआई और ईडी दोनों की चार्जशीट में दर्ज है, जिसमें उनका नाम शामिल बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इससे पहले रविवार को सीआईडी ने भी उनसे फर्जी हस्ताक्षर मामले में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी और उन्हें 16 जून को फिर से पेश होने का निर्देश दिया गया है। लगातार चल रही इन जांचों के बीच यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है, जहां सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।इसी बीच 13 जून की देर रात कोलकाता पुलिस ने उनके कालीघाट स्थित आवास पर करीब 4 घंटे तक छापेमारी की थी। पुलिस का कहना था कि यह कार्रवाई उनके निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश से जुड़ी थी, जबकि अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना उचित प्रक्रिया के उनके घर में घुसी और तलाशी ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते आए हैं और किसी भी पूछताछ से नहीं भागते। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है और टीएमसी इसे केंद्र की ओर से दबाव की कार्रवाई बता रही है, जबकि जांच एजेंसियां मामले की गहन जांच जारी रखे हुए हैं।