
पारदर्शी विकास ब्यूरो
कसया। फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहरवलिया में विवादित सड़क की पैमाइश को लेकर तहसील प्रशासन के अधिकारियों पर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राजू चौबे ने कसया तहसील के नायब तहसीलदार राहुल खरवार और कानूनगो लक्ष्मण गुप्ता पर विवादित सड़क की दोबारा पैमाइश कराने तथा पद एवं अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।शिकायतकर्ता के मुताबिक, आराजी संख्या 86 को लेकर छह लोगों के खिलाफ राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई हुई है। इनमें तीन के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी होने की बात कही गई है, जबकि तीन मामले तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। वहीं, आराजी संख्या 93 को लेकर दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश पारित होने का भी दावा किया गया है।राजू चौबे का कहना है कि न्यायालय से संबंधित दस्तावेज नायब तहसीलदार और कानूनगो को उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बावजूद विवादित सड़क की दोबारा पैमाइश कराई गई। आरोप है कि पूर्व उप जिलाधिकारी डॉ. संतराज सिंह बघेल के स्तर से कराए गए सीमांकन और लगाए गए पत्थरों को वर्तमान कानूनगो ने मानने से इनकार कर दिया तथा पूर्व की पैमाइश को गलत बताया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए उन पर पैतृक भूमि देने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सड़क के लिए निर्धारित भूमि को कब्जामुक्त कराकर नियमानुसार निर्माण कराया जाए। साथ ही गाटा संख्या 96 और 79 में कथित अन्य कब्जों तथा संबंधित पट्टा पत्रावलियों की भी जांच कराई जाएराजू चौबे ने कहा कि यदि न्यायालय के आदेश के बावजूद पैमाइश की कार्रवाई जारी रहती है तो वह संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दीवानी न्यायालय कसया में अवमानना की कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही किसी भी राजनीतिक दबाव की आशंका की भी जांच किए जाने की मांग की है।