
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर कसया तहसील क्षेत्र के टेकुआटार बाजार में स्थित रामकोला-कसया मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। वर्षों से जर्जर सड़क, जलभराव और लगातार हो रही दुर्घटनाओं से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने पहले उपजिलाधिकारी कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल को ज्ञापन सौंपा और उसके बाद सड़क पर उतरकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा सड़क के तत्काल निर्माण की मांग उठाई गई।ग्रामीणों का कहना है कि रामकोला-कसया मार्ग की हालत लंबे समय से बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, जलभराव और टूटी हुई पटरी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई वाहन पलट चुके हैं और दर्जनों लोग घायल होकर हाथ-पैर तक तुड़वा चुके हैं। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मरीजों और बुजुर्गों के लिए आवागमन मुश्किल बन गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो महीने पहले खराब सड़क के कारण टेकुआटार निवासी पिंटू मद्धेशिया और विनय गोंड़ की सड़क दुर्घटना में मौत भी हो चुकी है।इसी समस्या को लेकर भाजपा नेता अमरनाथ मद्धेशिया और समाजसेवी नवीन चौरसिया के नेतृत्व में ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई गांवों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ स्थायी निर्माण की मांग की।धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग के एई मुकेश वर्मा, राहुल सोनी, जेई प्रिंस मौर्या तथा रामकोला एसओ धनवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ की पटरी ऊंची होने के कारण बरसात का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। अधिकारियों के अनुसार पहले पानी निकासी की व्यवस्था कर सड़क को गड्ढामुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही करीब 10 मीटर चौड़ी नई सड़क के निर्माण के लिए 72 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्थायी निर्माण की मंजूरी मिलने तक टेकुआटार बाजार क्षेत्र में गड्ढे भरकर आरसीसी सड़क बनाई जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सके।लोक निर्माण विभाग के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे तक चला धरना समाप्त हो गया। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदीप सिंह क्रांति, गयास आलम, छट्ठू उपाध्याय, वशिष्टमुनि तिवारी, भगवन्त मद्धेशिया, मोनू गुप्ता, रमायन, गिरधारी, प्रियेश गोंड़, राजकिशोर, चन्दन, महंथ, राजकुमार, सुधीर, अरविन्द, विनोद तिवारी, बलराम मद्धेशिया, उमेश, सोमनाथ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।