
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने ईरान से जुड़े सैन्य और रणनीतिक अभियानों के लिए अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए) की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है। व्हाइट हाउस के अनुसार यह राशि पहले से स्वीकृत रक्षा बजट से अलग होगी और इसका उपयोग युद्ध संबंधी ऑपरेशनों, सेना की तैयारियों, हथियारों के भंडार को दोबारा भरने तथा गोपनीय रक्षा कार्यक्रमों पर किया जाएगा। इस बीच अमेरिका में ईरान नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सीनेट और प्रतिनिधि सभा में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करने की मांग उठी है, जबकि कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष का समर्थन किया है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत जून के अंत में स्विट्जरलैंड में फिर शुरू हो सकती है। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और तेहरान के बीच मतभेद बने हुए हैं। इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक बाजार को राहत मिली है, जबकि खाड़ी देशों में क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर भी चर्चा तेज हो गई है।