
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। बिल्हौर तहसील के अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 के तहत प्रस्तावित ई-पंजीयन प्रणाली और निबंधन प्रक्रिया के निजीकरण का विरोध किया।अधिवक्ताओं ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिल्हौर को सौंपा और प्रस्तावित व्यवस्था को जनहित के खिलाफ बताते हुए वापस लेने की मांग की।अधिवक्ताओं का कहना है कि निबंधन प्रक्रिया के निजीकरण से आम जनता, अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के अधिकार प्रभावित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश कटियार ने कहा कि निबंधन प्रक्रिया सरकारी नियंत्रण में ही रहनी चाहिए। मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।