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इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: जॉइंट डायरेक्टर के ठिकानों पर छापा, आय से 241% अधिक संपत्ति का खुलासा

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PARDARSHI VIKASH NEWS इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में उनके पास वैध आय से करीब 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं।लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी, जिसके बाद प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट लिया गया।इसके बाद सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने इंदौर और आसपास के तीन ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि अधिकारी और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी।छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। टीम को दो मंजिला लग्जरी जिम, महंगे फिटनेस उपकरण और प्रीमियम सुविधाओं वाला सेटअप मिला। इसके अलावा एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर का भी पता चला, जो किसी मिनी-मॉल की तरह संचालित हो रहा था।जांच में अब तक करीब 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई है, जिसमें पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 12 प्लॉट, इंदौर में एक कमर्शियल प्लॉट और एक बैंक लॉकर शामिल है। लोकायुक्त टीम लॉकर की आगे जांच करेगी।अधिकारियों के अनुसार, कंडवाल पिछले तीन वर्षों में झाबुआ, रतलाम, नीमच, रीवा, शहडोल, उज्जैन, देवास और इंदौर जैसे कई जिलों में पदस्थ रहे। इस अवधि में उनकी कुल वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि मिली संपत्ति इससे कई गुना अधिक बताई जा रही है।फिलहाल जांच जारी है और लोकायुक्त टीम दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।