
44 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने को मंजूरी
पारदर्शी विकास ब्यूरो हाटा, कुशीनगर। हाटा विधानसभा क्षेत्र के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को अब बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हाटा के विधायक मोहन वर्मा के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्थापित 44 विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि को स्वीकृति मिल गई है। गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली खपत के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई ट्रांसफार्मर अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रहे थे। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा था। अब स्वीकृत योजना के तहत 25 केवीए, 63 केवीए और 100 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों से बदला जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सकेगी।विधायक मोहन वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों और नगर क्षेत्रों से लगातार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मांग प्राप्त हो रही थी। उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों और प्रदेश सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया। इसके परिणामस्वरूप 44 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि को मंजूरी मिली है।उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। हाटा विधानसभा भी विकास की इस प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रही है।क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ने से लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या में कमी आएगी, जिससे खेती-किसानी, व्यापार और दैनिक जीवन की गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र शुरू कराया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पहले से अधिक सुचारु, सुरक्षित और निर्बाध हो सकेगी।हाटा विधानसभा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर लगातार कार्य हो रहे हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की यह मंजूरी क्षेत्र की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह कदम न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करेगा, बल्कि भविष्य की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं को भी पूरा करने में सहायक साबित होगा।