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होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी कार्रवाई से बढ़ा तनाव

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PARDARSHI VIKASH NEWS अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछा रही ईरानी बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया। अमेरिका का आरोप है कि समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था।हालांकि अमेरिका ने कहा कि वह सीजफायर के दौरान संयम बरत रहा है और ईरान के साथ बातचीत जारी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस घटना से वार्ता में थोड़ी रुकावट आ सकती है, लेकिन फिलहाल शांति प्रक्रिया टूटती नहीं दिख रही।अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वे ईरान के साथ “ओबामा जैसी डील” नहीं करेंगे। उनके मुताबिक या तो मजबूत समझौता होगा या कोई समझौता नहीं होगा।ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि देश में कोई बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। वहीं विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में बयान जारी किया।अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहेगा। उन्होंने इसे दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया।इसी बीच बंदर अब्बास पर हमलों के बाद एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट करीब 91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।वहीं इजराइल-लेबनान सीमा पर भी तनाव बना हुआ है। इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के 70 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।