
PARDARSHI VIKASH NEWS असम में हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।हिमंता सरमा के साथ भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नेओग के अलावा सहयोगी दल AGP के अतुल बोरा और BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। नई कैबिनेट में भाजपा और सहयोगी दलों को बराबर प्रतिनिधित्व दिया गया है।शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह में हिमंता सरमा का परिवार भी शामिल हुआ।केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे असम और एनडीए के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि हिमंता सरमा असम को विकास की नई राह पर ले जाएंगे।उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हिमंता के नेतृत्व में असम में एनडीए सरकार बनने से जनता उत्साहित है। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे भाजपा के विजन और “सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की जीत बताया।असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बना रही है। 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर 102 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी गठबंधन 21 सीटों तक सिमट गया। कांग्रेस को 19 और रायजोर दल को 2 सीटें मिलीं।राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा की जीत के पीछे परिसीमन, हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण, विपक्षी वोटों का बंटवारा और हिमंता सरमा की लोकप्रियता बड़े कारण रहे।पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और एनडीए की मजबूती के पीछे हिमंता बिस्वा सरमा को अहम रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद उन्होंने NEDA के संयोजक के रूप में क्षेत्रीय दलों को एक मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई।उनकी राजनीतिक रणनीति और संगठन क्षमता के कारण पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में भाजपा या एनडीए समर्थित सरकारें हैं। इनमें असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय समेत अन्य राज्य शामिल हैं।असम विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा। पार्टी ने 89 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। वहीं कांग्रेस 99 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 19 सीटें जीत सकी।भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस लोअर असम तक सीमित रह गई। चुनाव में कुल 59 महिला उम्मीदवार मैदान में थीं, जिनमें से 7 जीतकर विधानसभा पहुंचीं।