
पारदर्शी विकास ब्यूरो गोरखपुर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं सहयोग वेलफेयर सोसायटी, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला का समापन नवोदित कलाकारों द्वारा अपराजिता और मुखौटा के मंचन से हुआ। शिविर में प्रतिभागियों ने अभिनेता सीपी भट्ट उर्फ ढेला बाबा से कला की बारीकियां सीखी।ग्लोबल चिल्ड्रेन स्कूल, साहबगंज स्टेशन रोड, बड़गांव में आयोजित नाद प्रवाह कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला में सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मुख्य प्रशिक्षक एवं रंगकर्मी सीपी भट्ट के प्रशिक्षण और निर्देशन में नाटक दर्शकों को बाँधे रखा, अपराजिता में लड़का और लड़की में भेद भाव प्रताड़ना और अंत में नारी की सफलता को प्रदर्शित किया गया है और दूसरे नाटक मुखौटा में आदमी अपने स्वार्थ में इस तरह गिर जाता और अंधा हो जाता की वो वास्तव में अपना फ़र्ज़ भूल जाता है । अपराजित के लेखक-अजय कुमार त्रिपाठी मुखौटा के लेखक- देव ब्रत सिंह है। ये दोनों वरिष्ठ रंगकर्मी और फ़िल्म अभिनेता है और कार्यशाला के विशेष प्रशिक्षक भी है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश सहाय, विशिष्ट अतिथि सुनीता श्रीवास्तव ने शिविर में शामिल कलाकारों को अपनी शुभकामनाएं दी।व्यवस्थापक प्रिय ब्रत सिंह उर्फ़ राजन सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। दोनों नाटक दर्शकों बाँध के रखने में कामयाब रहे, बच्चों के दमदार अभिनय से दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट ने बच्चों का हौसला बनाये रखा।