
Pardarshi Vikas News Varanasi
वाराणसी। गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए 14 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल सामान्य घटना नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।
यह प्रकरण थाना कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 65/2026 से संबंधित है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित की गई, जिसमें मांसाहार का सेवन किया गया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे जनाक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह कृत्य सुनियोजित था और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, साथ ही कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए वायरल वीडियो की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जमानत कोई अधिकार नहीं, बल्कि न्यायालय का विवेकाधिकार होता है।
फैसले के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।