
PARDARSHI VIKASH NEWS गोंडा में एक गंभीर मामले में एंबुलेंस चालक और ईएमटी की लापरवाही सामने आई है, जहां एक घायल 10 वर्षीय बच्चे अंशुमान की मौत के बाद उसका शव रास्ते में छोड़कर दोनों कर्मचारी वापस लौट आए। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतलाल पटेल को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल जांच के आदेश दिए।घटना करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के मालियन पुरवा की है, जहां सड़क हादसे में घायल बच्चे को गोंडा मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर किया गया था। रास्ते में बाराबंकी के मुस्तफाबाद के पास उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद एंबुलेंस स्टाफ ने शव वहीं छोड़ दिया और गोंडा लौट आए।बाद में परिजनों ने निजी वाहन की मदद से शव को पीएम हाउस पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। इस घटना में पहले ही चार लोगों की मौत हो चुकी थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।सीएमओ ने संबंधित एंबुलेंस मैनेजर को नोटिस जारी कर तत्काल रिपोर्ट मांगी है और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने साफ कहा है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।