
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आज AAP का भिक्षाटन कार्यक्रम
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अयोध्या । अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के मामले को श्री राम जन्म भूमि थाने में तहरीर देने वाले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने शनिवार को कथित चंदा चोरों के विरुद्ध 21जून को प्रदेश भर में हल्ला बोल -भिक्षाटन कार्यक्रम करने की घोषणा की हैआम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन करने जा रही है। भगवान श्री राममंदिर से चढ़ावा चंदे के लूट और भ्रष्टाचार के विरोध में पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों तथा प्रमुख चौराहों पर 'भिक्षाटन कार्यक्रम' आयोजित करेगी। इस आंदोलन का मुख्य नारा है— "चंदा चोरों गद्दी छोड़ो"।इस आंदोलन के तहत आम आदमी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस (RSS) के दोहरे चरित्र को उजागर करने के लिए एक अनोखा विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी नेतृत्व ने एलान किया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को ₹420 का डिमांड ड्राफ्ट (DD) भेजा जाएगा और उससे यह अपील की जाएगी कि वे भगवान के मंदिर से चंदा चोरी करना बंद करें। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि "प्रभु श्री राम हम सभी की आस्था और मर्यादा के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उनके भव्य मंदिर निर्माण के नाम पर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई समर्पित की थी। लेकिन आरएसएस और भाजपा के लोग जो खुद को धर्म का ठेकेदार बताते हैं, उन्हीं के पदाधिकारियों द्वारा इस पवित्र चंदे में भारी हेराफेरी की जा रही है। यह करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है।सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संरक्षण में यह पूरा तंत्र चल रहा है। मोदी जी भ्रष्टाचार पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब उनके अपने ही संगठन (आरएसएस) से जुड़े लोग और उनके करीबी चंदा चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, तो वे पूरी तरह मौन साध लेते हैं।उन्होंने कहा कि हम चंपत राय को ₹420 का डिमांड ड्राफ्ट भेजकर यह संदेश दे रहे हैं कि वे प्रभु के मंदिर के पैसों पर डाका डालना बंद करें। श्री राम मंदिर में चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी फ्रंट पर आ गई है। सांसद संजय सिंह ने श्री राम जन्म भूमि थाने में तहरीर देने के साथ एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा सरकारऔर एस आई टी को निशाने पर लिया और कहा है कि इस समय अयोध्या से नागपुर तक टोल फ्री माल लूट एक्सप्रेस वे तेजी से चल रहा है और देश लूटने वाले अब प्रभु श्री राम के मंदिर पर डकैती डाल रहे हैं।लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम भक्तों द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास उपलब्ध सरकारी अभिलेख और रजिस्ट्री दस्तावेज भूमि खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की ओर संकेत करते हैं। सांसद ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।संजय सिंह के अनुसार शाहनवाजपुर माझा क्षेत्र में स्थित 117 बिस्वा भूमि को ट्रस्ट द्वारा 55.47 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जबकि उसकी वास्तविक कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस खरीद में ट्रस्ट के धन का दुरुपयोग कर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी भूमि खरीद के कई मामलों में कीमतों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। सांसद का दावा है कि किसानों से कम कीमत पर जमीन अधिग्रहित की गई, जबकि कुछ निजी भूमि सौदों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक भुगतान किया गया।प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि सभी दस्तावेज और साक्ष्य आधिकारिक रूप से एसआईटी तथा संबंधित अधिकारियों को सौंपे जाएंगे।सांसद ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के डीजीपी, अयोध्या के एसएसपी और थाना राम जन्मभूमि के प्रभारी को लिखित शिकायत भेजकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।राम मंदिर ट्रस्ट अथवा भाजपा की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन सकता है।
संजय सिंह के प्रमुख आरोप
- शाहनवाजपुर माझा की 117 बिस्वा भूमि 55.47 करोड़ रुपये में खरीदी गई।
- भूमि की वास्तविक कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये होने का दावा।
- किसानों की जमीन कम दर पर अधिग्रहित करने और अन्य भूमि अधिक दर पर खरीदने का आरोप।
- राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे के दुरुपयोग का आरोप।
- ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग।