
लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे लद्दाख में डेमचोक पहुंचे, देखी युद्ध की तैयारी
नयी दिल्ली। भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पहुंचे। यहां डेमचोक सेक्टर में उन्होंने इंडियन आर्मी की युद्धक तैयारी का जायजा लिया। लद्दाख में डेमचौक सेक्टर बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां सीमा पर भारत और चीन की सेनाएं गश्त लगाती रहती हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने ऑपरेशन तैयारी का जायजा लिया। इंडियन आर्मी की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने सोशल मीडिया एक्स पर जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे के दौरे की फोटो शेयर की। इसमें लिखा गया है- 9 जुलाई 2026 को फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमा पर ऑपरेशनल और युद्ध के लिए तैयारी का जायजा लेने के लिए डेमचोक सेक्टर का दौरा किया।
दौरे के दौरान कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे को मौजूदा ऑपरेशनल हालात के बारे में जानकारी दी गई और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तैनात सैनिकों की तैयारियों का जायजा लिया गया। जवानों से सतर्कता, ऑपरेशनल तैयारी और युद्ध क्षमता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने का आग्रह किया और हर हाल में देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दोहराया। डेमचोक के दौरे के वक्त जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने सैनिकों से बातचीत की और ऊंचाई वाले मुश्किल इलाकों में सेवा करते हुए उनके बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म, मजबूत संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता की तारीफ की। उन्होंने सभी रैंक के सैनिकों से सतर्कता और ऑपरेशन के लिए तैयार रहने के उच्चतम स्तर को बनाए रखने की बात कही।
उन्होंने सभी रैंक के जवानों से सतर्कता, ऑपरेशनल तैयारी और युद्ध क्षमता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने का आग्रह किया और हर हाल में देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दोहराया।
डेमचोक सेक्टर पूर्वी लद्दाख में बेहद संवेदनशील इलाका है। डेमचोक भारत के सबसे दूर-दराज, ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से अहम सीमावर्ती गांवों में से एक के तौर पर मशहूर है। सिंधु नदी के किनारे एलएसी पर बसा यह गांव लद्दाख के चांगथांग इलाके में करीब 13,500 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है और दो हिस्सों में बंटा हुआ है। इसका एक हिस्सा भारत के प्रशासन के तहत है और दूसरा चीन के नियंत्रण में है। भारत और चीन के बीच हुए एक समझौते के मुताबिक दोनों देश डेमचोक और डेपसांग सेक्टर में एलएसी की अपनी-अपनी समझ के आधार पर समन्वित गश्त करते हैं।
भारत और चीन दोनों की सेनाएं डेमचोक में एलएसी पर गश्त करती हैं। 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद यह गश्त रुक गई थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में हुए एक नए सैन्य समझौते के तहत दोनों देशों ने डेमचोक में समन्वित गश्त फिर से शुरू कर दी है।