
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी । अनाहत आर्ट गैलरी में पहली बार आयोजित 'टेराकोटा वर्कशॉप' और उसकी भव्य कला प्रदर्शनी का शानदार आगाज़ हुआ। मिट्टी को सहेजकर सुंदर कलाकृतियों में ढालने वाले बच्चों और प्रतिभागियों की रचनात्मकता इस प्रदर्शनी में देखते ही बन रही है।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अमरेश कुमार (सहायक प्रोफेसर, मूर्तिकला विभाग, दृश्य कला संकाय, BHU) और गेस्ट ऑफ ऑनर श्री दिनेश यादव (कला अध्यापक, सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल, कमच्छा, वाराणसी) ने दीप प्रज्वलित कर किया।डॉ. अमरेश कुमार ने कहा "जिस प्रकार हमारे शरीर में फेफड़े होते हैं, उसी प्रकार कला के लिए गैलरी होती हैं। एक कलाकार के विकास के लिए गैलरी का होना बेहद महत्वपूर्ण है।"दिनेश यादव सर ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा, "हम अक्सर बड़े कलाकारों के लिए प्रदर्शनियां आयोजित करते हैं।लेकिन बिना किसी भेदभाव के—चाहे छोटे बच्चे हों या बड़े, शहरी हों या ग्रामीण—सबको एक साथ ऐसा मंच देना वाकई काबिले-तारीफ है।"गैलरी की संचालिका डॉ. नेहा ने इस मौके पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "जिस उद्देश्य और सपने के साथ उन्होंने अनाहत गैलरी की शुरुआत की थी, आज वह सार्थक होता दिख रहा है। कला प्रेमियों का बढ़ता रुझान इस बात का प्रमाण है।"इस वर्कशॉप की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इसमें भाग लेने वाले बच्चों और प्रतिभागियों ने न सिर्फ बारीकियां सीखीं, बल्कि उनकी बनाई कलाकृतियां हाथों-हाथ बिकीं भी। अपनी कला को सराहने और उसकी कीमत मिलने से उनका उत्साह दोगुना हो गया और उन्होंने बेहद खुशी जाहिर की।इस पूरी कार्यशाला में बच्चों को मिट्टी की कला और उसकी बारीकियों से रूबरू कराने में BHU की अल्का रानी, सोम कुमार ने बतौर प्रशिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।