
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। जनपद में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ सुरक्षा एवं राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, पशुपालन, विद्युत, लोक निर्माण, पंचायतीराज, कृषि, शिक्षा, नगर निकाय, आपूर्ति एवं परिवहन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।जिलाधिकारी ने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से तहसील खड्डा और तमकुहीराज के बाढ़ प्रभावित गांवों में 20 जून तक बाढ़ चौपाल आयोजित करने का निर्देश दिया। चौपालों की फोटोग्राफ सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों पर की गई कार्रवाई का अलग विवरण उपलब्ध कराने को कहा।बैठक में पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वितरित सोलर उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन उपकरणों की कार्यशीलता और उपयोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राहत सामग्री की उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा 22 जून को टेंडर खोला जाएगा। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि तटबंधों पर चल रहे सभी मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य किसी भी स्थिति में 20 जून तक पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य पूर्णता की समय सीमा में किसी प्रकार का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।आपदा के दौरान त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को जोड़ते हुए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। साथ ही रैट होल की स्थिति पर निगरानी समिति से नियमित रिपोर्ट लेने तथा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गंभीर रोगियों, टीबी मरीजों एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एंटी वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, पशुओं के लिए चारा-भूसा एवं टीकाकरण व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया। जर्जर भवनों के चिन्हांकन और प्रमाणन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का भी निर्देश दिया गया।लोक निर्माण विभाग को अतिसंवेदनशील मार्गों की मरम्मत एवं हेलीपैड चिन्हांकन, विद्युत विभाग को जर्जर तारों और खंभों के प्रतिस्थापन, शिक्षा विभाग को संवेदनशील विद्यालयों के वैकल्पिक संचालन तथा पंचायतीराज एवं नगर निकायों को पेयजल, स्वच्छता एवं संसाधनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।नालों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा। बैठक के अंत में उन्होंने सभी विभागों को जनसुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समन्वित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।बाढ़ से पहले तैयारी पूरी, राहत और सुरक्षा पर प्रशासन का पूरा फोकस – इसी संदेश के साथ जिला प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है।