
PARDARSHI VIKASH NEWS पुरुषोत्तम मास की चतुर्दशी पर मथुरा, वृंदावन और आसपास के तीर्थ क्षेत्रों में भगवान नृसिंह देव का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित नृसिंह लीला के मंचन ने श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। जैसे ही लीला के दौरान हिरण्यकश्यप ने खंभे पर प्रहार किया और भगवान नृसिंह प्रकट हुए, पूरा परिसर जयकारों और घंटा-घड़ियाल की ध्वनि से गूंज उठा।वृंदावन के अठखंभा, विद्यापीठ चौराहा, गोवर्धन गेट, रंगनाथ मंदिर सहित कई स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलाकारों ने भगवान नृसिंह, भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप के पात्रों का प्रभावशाली मंचन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक भजनों के बीच भगवान नृसिंह के स्वरूपों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।लीला के समापन पर महाआरती आयोजित की गई और भगवान नृसिंह व भगवान गणेश के स्वरूपों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने मार्ग में आरती उतारकर भगवान के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में भगवान नृसिंह के प्राकट्य का विशेष महत्व है, इसलिए यह उत्सव हर तीन वर्ष में विशेष श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाता है।