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ब्रिक्स संस्कृति बैठक, दुनिया के सामने दिखेगी काशी की विरासत

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PARDARSHI VIKASH NEWS वाराणसी में आज से शुरू हुई दो दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) की बैठक भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान और यूएई के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बैठक को और भी खास बना दिया है।बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण, संग्रहालयों, सांस्कृतिक पर्यटन, रचनात्मक उद्योगों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इस दौरान विभिन्न देश अपने सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट भी प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन ने प्रतिनिधियों के स्वागत और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्हें काशी विश्वनाथ धाम, गंगा आरती और शहर की ऐतिहासिक धरोहरों का भी भ्रमण कराया जाएगा।बैठक के दौरान काशी की प्रसिद्ध जीआई टैग और ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें बनारसी साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के खिलौने, धातु शिल्प, ग्लास बीड्स और अन्य पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा तथा काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूती मिलेगी।