
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई का दावा किया है, जिससे मध्य पूर्व में हालात गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहे एक तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल से हमला किया। अमेरिका का कहना है कि जहाज ने प्रतिबंधों और नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। इसके जवाब में ईरान ने एक विदेशी जहाज को निशाना बनाने का दावा किया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केश्म द्वीप के एक ईरानी सैन्य नियंत्रण केंद्र पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी एयरबेस और बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया, जबकि अमेरिका ने कहा कि उसके सभी ठिकाने सुरक्षित हैं और अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया गया।तनाव बढ़ने के बीच कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमलों से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर मौजूदा हालात पर चर्चा की है। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है और कच्चे तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक उछाल दर्ज किया गया है। इसी दौरान लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष भी तेज हो गया है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है। लगातार बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।