
पारदर्शी विकास न्यूज़ महोबा। जनपद में मुहर्रम की 10वीं (आशूरा) अकीदत, गम और एहतराम के साथ मनाई गई। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से ताज़ियों और अलम के जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। "या हुसैन" की सदाओं के बीच लोगों ने कर्बला के शहीदों, विशेषकर हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचे, जहां ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मुहर्रम के दौरान कई स्थानों पर सबील लगाकर शर्बत और पेयजल का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।