
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा निर्मित 40 मिनट की शॉर्ट फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स: नॉट जस्ट ए फिल्म, ए वेकअप कॉल’ का शनिवार को रेवथ्री में भव्य प्रीमियर आयोजित किया गया। फिल्म के प्रभावशाली संवाद "अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं..." के साथ ही पूरा सिनेमा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।फिल्म में हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अन्नू कपूर ने साइबर क्राइम दरोगा करतार सिंह की भूमिका निभाई है, जबकि अभिनेता मुश्ताक खान इंस्पेक्टर बाबूलाल दुबे के किरदार में नजर आए हैं। वहीं, एसीपी कर्नलगंज आनंद ओझा ने फिल्म में एसीपी अंगद सिंह की भूमिका निभाई है और वे फिल्म के पोस्टर बॉय भी हैं।प्रीमियर की शुरुआत अन्नू कपूर ने प्रेरणादायक कविता सुनाकर की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का एक संकल्प और अभियान है। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से वर्षों पहले साइबर अपराध पर फिल्म बनाने को लेकर चर्चा हुई थी, जो अब साकार हो सकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और कलाकारों के संयुक्त प्रयास से तैयार यह फिल्म लोगों को सतर्क रहने का संदेश देगी।फिल्म के प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में अन्नू कपूर ने अपने साथ हुई ठगी की घटनाएं भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में फ्रांस के डिजॉन शहर से पेरिस जाते समय दो लोगों ने मदद के बहाने उनका PRADA का बैग चोरी कर लिया। बैग की कीमत करीब ढाई लाख रुपये थी और उसमें रखी नकदी समेत उनका लगभग 13 से 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि फ्रांस पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन सामान या धन वापस मिलने की संभावना से इनकार कर दिया।अन्नू कपूर ने आगे बताया कि बाद में वे मुंबई में साइबर ठगी का भी शिकार हुए, जहां उनके बैंक खाते से पूरी राशि निकाल ली गई। यह राशि कोविड महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए रखी गई थी। शिकायत के बाद मुंबई साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार से पूरी रकम रिकवर कराई। उन्होंने कहा कि उनका मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया, लेकिन आम लोगों के साथ होने वाली साइबर ठगी को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज हर व्यक्ति के लिए चुनौती बन चुका है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है और यह फिल्म लोगों को सतर्क रहने तथा डिजिटल सुरक्षा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।फिल्म की शूटिंग फरवरी 2026 में कानपुर पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय और कोतवाली थाना परिसर में की गई थी। प्रीमियर से पहले कुछ नागरिकों ने भी अपने साथ हुई साइबर ठगी की घटनाएं साझा कीं, जिससे कार्यक्रम और अधिक संवेदनशील एवं जागरूकता से भरपूर बन गया।कार्यक्रम में एमएलसी अरुण पाठक, विधायक अमिताभ बाजपेयी, विधायक महेश त्रिवेदी, फिल्म निर्देशक धीरज कुमार, लेखक आशीष द्विवेदी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी एस.एम. कासिम आबिदी, एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार, सुमित सुधाकर रामटेके, अंजलि विश्वकर्मा, नजम हमराज, संजय कपूर सहित पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कलाकार और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को डिजिटल दुनिया में सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करना है।
आज साइबर अपराध हर व्यक्ति के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। यह फिल्म केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाई गई है। मैं चाहता हूं कि हर नागरिक सतर्क रहे, किसी भी अनजान कॉल, लिंक या लालच में न आए। मैंने स्वयं ठगी का सामना किया है, इसलिए जानता हूं कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। अगर यह फिल्म एक भी व्यक्ति को साइबर ठगी से बचा सके, तो हमारा प्रयास सफल होगा।-अभिनेता अन्नू कपूर