
PARDARSHI VIKASH NEWS जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 1 मई से 26 मई 2026 तक प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के बाद दो दर्जन से अधिक अधिकारियों का मई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।समीक्षा के दौरान कई विभागों की कार्यशैली बेहद खराब पाई गई। इनमें फर्रुखाबाद एवं मोहम्मदाबाद के अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और नगर पंचायत, कायमगंज के पूर्ति निरीक्षक, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत (ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।इसके अलावा कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज और राजेपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), उप निदेशक कृषि, बढ़पुर, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, नवाबगंज, कमालगंज एवं मोहम्मदाबाद के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा बढ़पुर, कमालगंज और राजेपुर के खंड विकास अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आए हैं।जिलाधिकारी ने पाया कि अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा नहीं कर रहे थे। शासनादेशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित नहीं किया जा रहा था और शिकायतकर्ताओं से संपर्क भी नहीं किया जा रहा था। इससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही थी और शासन स्तर पर जिले की छवि धूमिल हो रही थी।डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने अधिकारियों की इस लापरवाही को अनुशासनहीनता और प्रशासनिक अक्षमता का परिचायक बताया।वेतन रोकने के साथ ही संबंधित अधिकारियों से तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।