
PARDARSHI VIKASH NEWS एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जहां 73 साल की बुजुर्ग महिला को उनका बेटा और पोता ठेले पर लिटाकर बैंक लेकर पहुंचे। महिला का पैर टूटा हुआ था और वह चलने में असमर्थ थीं। तेज धूप में छाता लगाकर उन्हें ठेले पर लिटाया गया, जबकि परिजन उन्हें बैंक तक लेकर गए।परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग महिला पेंशनधारी हैं और उनके बैंक खाते से जुड़े काम के लिए अंगूठा लगाना जरूरी था। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्हें बैंक लाया गया। परिवार का आरोप है कि बैंक की ओर से कहा गया था कि खाताधारक को स्वयं उपस्थित होना होगा, तभी भुगतान प्रक्रिया पूरी हो पाएगी।परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने एंबुलेंस या अन्य वाहन की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुविधा नहीं मिल सकी। मजबूरी में उन्हें ठेले का सहारा लेना पड़ा।दूसरी ओर बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने पर परिजनों को समझाया गया था कि ऐसी स्थिति में घर पर ही प्रक्रिया पूरी करने या किसी कर्मचारी को भेजकर समाधान किया जा सकता है। बैंक अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि पहले से स्थिति स्पष्ट होती तो बुजुर्ग को लाने की जरूरत नहीं पड़ती।घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या बैंकिंग प्रक्रियाएं इतनी कठोर होनी चाहिए कि गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को इस तरह परेशानी उठानी पड़े।मामले ने बैंकिंग व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।