
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा देशव्यापी कृषि ऋण आउटरीच अभियान के तहत जिला पंचायत सभागार में आयोजित कृषि ऋण आउटरीच कैंप में किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों और बैंक ग्राहकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र के लाभार्थियों को बैंकिंग सेवाओं और ऋण योजनाओं से जोड़कर वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाना रहा।कैंप के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये के ऋण एवं संभावित ऋण प्रस्तावों की कैनवसिंग की गई। यह पहल कृषि, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ उप निदेशक कृषि अतींद्र सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम फैसल आलम, डीडीएम नाबार्ड राहुल वी. यादव, क्षेत्रीय प्रमुख विभोर अग्रवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक संतोष कुमार, मुख्य प्रबंधक गौरव कुमार राय एवं चंद्रिका प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।कैंप में री-केवाईसी, सी-केवाईसी, ऑनलाइन खाता खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, किसान ऋण, स्वरोजगार ऋण तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से संबंधित विशेष सहायता एवं परामर्श काउंटर लगाए गए। क्षेत्रीय प्रमुख विभोर अग्रवाल ने कहा कि बैंक किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरल एवं त्वरित ऋण सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।वरिष्ठ प्रबंधक अमन ने प्रतिभागियों को विभिन्न ऋण योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में एलडीएम संतोष कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के साथ बैंक और ग्राहकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करते हैं। यह कैंप किसानों और ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने तथा स्थानीय आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।