
PARDARSHI VIKASH NEWS वॉशिंगटन/फिलाडेल्फिया। अमेरिका की आजादी के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया स्थित इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में 408 किलोग्राम का एक विशेष टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे वर्ष 2276 में, यानी ठीक 250 साल बाद खोला जाएगा। इस ऐतिहासिक कैप्सूल का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ियों को वर्ष 2026 के अमेरिका की संस्कृति, विज्ञान, तकनीक, समाज और जीवनशैली से परिचित कराना है। इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे सुरक्षित ढूंढ़ सकें। कैप्सूल में अमेरिका के सभी 50 राज्यों और आम नागरिकों द्वारा चुनी गई यादगार वस्तुएं रखी गई हैं। इनमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भविष्यवाणियां, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज और कई सांस्कृतिक प्रतीक शामिल हैं। इसे विशेष स्टेनलेस स्टील के बेलनाकार ढांचे में तैयार किया गया है, जिससे जंग और पानी का असर न हो। कैप्सूल को पहले ही इंडियम धातु की मदद से पूरी तरह सील किया जा चुका है तथा इसके भीतर लगभग 35 प्रतिशत नियंत्रित नमी रखी गई है, ताकि कागज और अन्य सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहे। इसे करीब 10 फीट गहराई में दफनाया जाएगा, जहां तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। वैज्ञानिकों ने इसके ऊपर अतिरिक्त स्टील सुरक्षा परत भी लगाई है, जिससे भूजल या बाढ़ का प्रभाव भी न पड़े। परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि कभी इस कैप्सूल तक पानी पहुंचा, तो इसका अर्थ होगा कि पूरा क्षेत्र गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा होगा। अमेरिका का मानना है कि संग्रहालयों की वस्तुएं समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन टाइम कैप्सूल भविष्य के लोगों को 2026 की दुनिया उसी वास्तविक रूप में दिखाएगा जैसी वह आज है। उल्लेखनीय है कि भारत ने भी 1973 में 'कालपात्र' नाम से टाइम कैप्सूल दफनाया था, जिसे बाद में 1977 में निकाल लिया गया था।