
PARDARSHI VIKASH NEWS उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार सुबह 11:30 बजे विधि-विधान और अरदास के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 225 दिन बाद खुले कपाटों के ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से आए तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे। पंच प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था घांघरिया से कठिन चढ़ाई पूरी कर धाम पहुंचा। कपाट खुलते ही पूरी लोकपाल घाटी “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से गूंज उठी। गुरुद्वारे को करीब पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया था। गुरुद्वारा ट्रस्ट के अनुसार, धार्मिक परंपराओं के तहत सचखंड से गुरुग्रंथ साहिब को दरबार साहिब में विराजमान कराया गया, जिसके बाद शबद कीर्तन और अरदास हुई। इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही 67 हजार से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि पहले दिन 6,605 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। समुद्र तल से करीब 4,500 मीटर ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 19 किलोमीटर का कठिन ट्रेक करना पड़ता है। यात्रा मार्ग पर अभी भी कई जगह बर्फ जमी हुई है। प्रशासन और सेना की टीमों ने लगातार अभियान चलाकर रास्ता साफ किया है। पिछले यात्रा सीजन में करीब 2.7 लाख श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचे थे।