
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या। तारुन विकास खंड की ग्राम पंचायत गरौली में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक राजनारायण के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिए हैं। अग्रिम आदेश तक ग्राम पंचायत का कार्यभार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) पूराबाजार को सौंप दिया गया है। साथ ही मामले की अंतिम जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।प्रारंभिक जांच में दो मामलों में अनियमितताएं सही पाई गईं। जांच के अनुसार, रामलाला के घर से जयराम के घर तक प्रस्तावित नाली का निर्माण कराए बिना ही 45,007 रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसके लिए किसी अन्य नाली का जियो-टैग इस्तेमाल किया गया। वहीं हैंडपंप मरम्मत कार्य में भी अभिलेखों और स्थलीय सत्यापन में गंभीर विसंगतियां मिलीं, जिसमें 24,240 रुपये का भुगतान सरकारी धन का दुरुपयोग माना गया। इस तरह कुल 69,247 रुपये के सरकारी धन के अपव्यय का मामला सामने आया।जांच में तत्कालीन ग्राम प्रधान राजनारायण और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव माता प्रसाद को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया। दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह कार्रवाई की गई। प्रभारी एडीओ पंचायत हुसैन फारुकी ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।