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धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंचे राजा भैया, बोले- जाति भुलाकर एकजुट हों हिंदू

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Pardarshi Vikas News Prayagraj

संगम तट पर आयोजित राष्ट्र हनुमंत कथा के दूसरे दिन जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पहुंचे। उन्होंने कथा मंच से समाज को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि हिंदुत्व और सनातन पर संकट के समय जाति-पाति छोड़कर संगठित होने की जरूरत है।

राजा भैया ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी कमजोरी आपसी बंटवारा है। जब तक लोग जातियों में बंटे रहेंगे, तब तक विरोधी ताकतें इसका फायदा उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि “जाति-पाति की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” का संदेश आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में केवल सरकार की नहीं, बल्कि जनता की भी जिम्मेदारी होती है। आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो प्रत्याशी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान न करे, जनता को ऐसे लोगों को नकार देना चाहिए। साथ ही राजनीतिक दलों को भी राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

राजा भैया ने हालिया आतंकी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने कभी जाति देखकर हमला नहीं किया, बल्कि धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि इससे समाज को सबक लेना चाहिए और आंतरिक विभाजन छोड़कर एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समय-समय पर एकता का संदेश देते रहे हैं। समाज को बंटने के बजाय मजबूत और मुखर बनना होगा।

राजा भैया ने युवाओं से सनातन परंपराओं से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अगर आप सनातनी हैं तो आपकी पहचान भी दिखनी चाहिए। कलावा पहनें, टीका लगाएं, धर्मग्रंथों का अध्ययन करें और राष्ट्रहित के लिए सदैव तैयार रहें।

कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। राजा भैया की मौजूदगी और उनके बयानों को लेकर कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखा गया।