
तनिश सिंह
पारदर्शी विकास न्यूज़ उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र के परसंदन गांव में हाईवे किनारे टैंकरों से डीजल-पेट्रोल चोरी और पशु चर्बी के कथित अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का दावा है कि हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों से डीजल, पेट्रोल और एथनॉल निकालकर ड्रमों में जमा किया जाता है। इसके साथ ही स्लॉटर हाउस से निकलने वाली पशु चर्बी के अवैध कारोबार और मिलावटखोरी का भी आरोप लगाया गया है।स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कथित तौर पर कई लोगों का नेटवर्क सक्रिय है, जो टैंकरों से ईंधन निकालकर उसे अवैध रूप से एकत्र करता है और बाद में अधिक मुनाफे के लिए इसकी सप्लाई की जाती है। आरोप है कि हाईवे किनारे बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ जमा होने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।लोगों का यह भी आरोप है कि कथित कारोबार के आसपास घनी आबादी है और करीब 200 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी परिसर स्थित है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में ज्वलनशील पदार्थों का खुले में भंडारण सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बताया जा रहा है।स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में अचलगंज थाना क्षेत्र के गहिरा में तत्कालीन एसपी दीपक भूकर के कार्यकाल में टैंकरों से डीजल-पेट्रोल चोरी करने वाले कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई में शुक्लागंज निवासी योगेश सिंह उर्फ पप्पू शुक्ला समेत करीब एक दर्जन लोगों को जेल भेजे जाने की बात कही गई। आरोप है कि इसके बाद कुछ समय तक कारोबार पर अंकुश रहा, लेकिन बाद में नवाबगंज समेत कई स्थानों पर गतिविधियां दोबारा शुरू हो गईं।स्थानीय लोगों के दावों की पड़ताल के लिए मौके पर पहुंची टीम को हाईवे किनारे बड़ी संख्या में ईंधन से भरे टैंकर और ड्रम दिखाई दिए। टीम के पहुंचने पर वहां मौजूद कुछ लोग मौके से चले गए। मौके पर मिले ड्रम और अन्य सामग्री ने कथित अवैध भंडारण को लेकर सवाल खड़े किए हैं।हालांकि, पशु चर्बी को खाद्य पदार्थों में मिलाकर बाजार में सप्लाई किए जाने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।