
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर में शादी कराने का झांसा देकर एक दिहाड़ी मजदूर से करीब 4 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। बाराबंकी के रामनगर निवासी 40 वर्षीय चंद्रेश ने साइबर थाने में प्रीती, राधिका और पूर्वी नाम की तीन युवतियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। चंद्रेश ने बताया कि परिवार बसाने की इच्छा के चलते वह मैरिज ब्यूरो के संपर्क में आया था। सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 3 हजार रुपये लिए गए, फिर लड़की का मोबाइल नंबर देने के लिए 4 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद प्रोफाइल शुल्क, प्रक्रिया शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार रकम वसूली जाती रही। फोन पर लड़की और उसकी कथित मां से भी बात कराई गई, जिससे उसे विश्वास हो गया कि शादी तय हो जाएगी। लेकिन बाद में लड़की ने कम आय का हवाला देकर शादी से इंकार कर दिया। इसके बाद अन्य युवतियों ने भी शादी कराने का भरोसा दिलाकर उससे पैसे लिए, लेकिन अंततः किसी ने भी शादी नहीं कराई।ठगी का एहसास होने पर चंद्रेश ने 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार मामले की जांच में मनी ट्रेल खंगाला जा रहा है। एसबीआई, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीएफसी बैंक के सात खातों की जानकारी मांगी गई है। अब तक चार खातों की जांच में 41 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। जांच में सामने आया कि भिलाई निवासी रंजीश कुमार गौड़ कानपुर के नौबस्ता और किदवई नगर में अलग-अलग नामों से मैरिज ब्यूरो चला रहा था। उसने कॉल सेंटर में 23 युवतियों को नियुक्त कर रखा था, जो एआई जनरेटेड तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए शादी के इच्छुक लोगों को फंसाती थीं। पुलिस रंजीश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।