
PARDARSHI VIKASH NEWS पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु नदी प्रणाली से जुड़े जल प्रबंधन पर सख्त रुख अपनाने के बाद पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली। इसी बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि यदि देश की जल सुरक्षा को खतरा महसूस हुआ तो पाकिस्तान भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प भी चुन सकता है। दूसरी ओर, नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान ने सुरक्षा गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने कई एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की हैं, एआई आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की है और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर नेटवर्क को मजबूत किया है। साथ ही अफगान सीमा से कुछ सैन्य टुकड़ियों को हटाकर LoC के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। पाकिस्तान को चीन और तुर्किये से भी सैन्य सहयोग मिल रहा है। चीन द्वारा उन्नत लड़ाकू विमान उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि तुर्किये कराची के पास ड्रोन असेंबली प्लांट स्थापित कर रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था और स्पष्ट किया था कि सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई होने तक उसका रुख नहीं बदलेगा। सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच छह नदियों के जल बंटवारे को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण समझौता है।