
जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। केशव नगर स्थित कविता भवन में शनिवार को हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला कानपुर दक्षिण के आयोजन को लेकर संगोष्ठी एवं बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओम प्रकाश शुक्ला ‘अमिय’ ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला के अखिल भारतीय संयोजक गुणवंत सिंह कोठारी, संयोजक अमरनाथ जी, सचिव नवेंदु जी तथा कानपुर दक्षिण संयोजक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर संयोजक मंडल की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि गुणवंत सिंह कोठारी ने हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की आवश्यकता और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में संस्कारों की भावना को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण, मानव जीवन मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से विभिन्न सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाता है, जिससे समाज में आपसी सहयोग, सेवा और संस्कार की भावना को बढ़ावा मिल सके। बैठक में आगामी आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा अधिक से अधिक लोगों को मेले से जोड़ने की रणनीति बनाई गई। कार्यक्रम का संचालन सुशील कुमार ने किया।संगोष्ठी में हिन्दी साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश वाजपेई, संस्कार भारती के महानगर महामंत्री चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री, शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के प्रति संयोजक दिवाकर मिश्रा, बौद्धिक प्रमुख किंजल्क, वेद प्रकाश तिवारी, पीयूष अग्निहोत्री, बृजेश चंद दीक्षित, सुधीर शुक्ला, के.के. बाजपेई, पीयूष मिश्रा, जगनायक प्रधान, भारती सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला को व्यापक स्तर पर सफल बनाने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया गया।

गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला समाज में संस्कार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ा जाए। समाज में सेवा भावना, सामाजिक समरसता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करना हम सभी का दायित्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को एकजुट कर समाजहित के कार्यों को नई दिशा दी जा सकती है। — गुणवंत सिंह कोठारी

संयोजक अमरनाथ जी ने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति, संस्कार और सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण, मानव सेवा और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूक करना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मेले को व्यापक एवं सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। — अमरनाथ जी
